Saturday, October 3, 2020

10 सवाल

#तारिक_फतेह ने #पाकिस्तानियों के ऊपर जहरीले दस #सवाल जिनका जवाब खोजने मे जुट गई हैं तमाम पाकिस्तान की फ़ौज।, 
तारिक फतेह ने दस ऐसे सवाल किये हैं , जिनका सटीक, प्रमाण सहित और तर्कपूर्ण जवाब कोई नहीं दे सकता। कृपा करके जरुर पढे 
1- मुसलमानों का दावा है कि कुरान अल्लाह की किताब है, लेकिन कुरान में बच्चों की खतना करने का हुक्म नहीं है , फिर भी मुसलमान खतना क्यों कराते है? क्या अल्लाह में इतनी भी शक्ति नहीं है कि मुसलमानों के खतना वाले बच्चे ही पैदा कर सके? और कुरान के विरद्ध काम करने से मुसलमानों को काफ़िर क्यों नहीं माना जाए?
2- मुसलमान मानते हैं कि अल्लाह ने फ़रिश्ते के हाथो कुरआन की पहली सूरा लिखित रूप में मुहम्मद को दी थी, लेकिन अनपढ़ होने से वह उसे नहीं पढ़ सके, इसके अलावा मुसलमान यह भी दावा करते हैं कि विश्व में कुरान एकमात्र ऐसी किताब है जो पूर्णतयः सुरक्षित है, तो मुसलमान कुरान की वह सूरा पेश क्यों नहीं कर देते जो अल्लाह ने लिख कर भेजी थी, इस से तुरंत पता हो जायेगा कि वह कागज कहाँ बना था? और अल्लाह की राईटिंग कैसी थी? वर्ना हम क्यों नहीं माने कि जैसे अल्लाह फर्जी है वैसे ही कुरान भी फर्जी है।
3. इस्लाम के मुताबिक यदि 3 दिन/माह का बच्चा मर जाये तो उसको कयामत के दिन क्या मिलेगा -जन्नत या जहन्नुम? और किस आधार पर??
4. मरने के बाद जन्नत में पुरुष को 72 हूरें (अप्सराए) मिलेगी, तो स्त्री को क्या मिलेगा...72 हूरा (पुरुष वेश्या)?और अगर कोई बच्चा पैदा होते ही मर जाये तो क्या उसे भी हूरें मिलेंगी? और वह हूरों का क्या करेगा ?
5.- यदि मुसलमानों की तरह ईसाई, यहूदी और हिन्दू मिलकर मुसलमानों के विरुद्ध जिहाद करें, तो क्या मुसलमान इसे धार्मिक कार्य मानेंगे या अपराध? और क्यों?
6-.यदि कोई गैर मुस्लिम (काफ़िर) यदि अच्छे गुणों वाला हो तो भी... क्या अल्लाह उसको जहन्नुम की आग में झोक देगा? और क्यों?और, अगर ऐसा करेगा तो.... क्या ये अन्याय नहीं हुआ??
7.कुरान के अनुसार मुहम्मद सशरीर जन्नत गए थे, और वहां अल्लाह से बात भी की थी, लेकिन जबअल्लाह निराकार है, और उसकी कोई इमेज (छवि) नहीं है तो..मुहम्मद ने अल्लाह को कैसे देखा ??और कैसे पहिचाना कि यह अल्लाह है, या शैतान है?
8- मुसलमानों का दावा है कि जन्नत जाते समय मुहम्मद ने येरूसलम की बैतूल मुक़द्दस नामकी मस्जिद में नमाज पढ़ी थी, लेकिन वह मुहम्मद के जन्म से पहले ही रोमन लोगों ने नष्ट कर दी थी। मुहम्मद के समय उसका नामो निशान नहीं था, तो मुहम्मद ने उसमे नमाज कैसे पढ़ी थी? हम मुहम्मद को झूठा क्यों नहीं कहें ?
9-.अल्लाह ने अनपढ़ मुहम्मद में ऐसी कौन सी विशेषता देखी, जो उनको अपना रसूल नियुक्त कर दिया,क्या उस समय पूरे अरब में एकभी ऐसा पढ़ालिखा व्यक्ति नहीं था, जिसे अल्लाह रसूल बना देता, और जब अल्लाह सचमुच सर्वशक्तिमान है, तो अल्लाह मुहम्मद को 63 साल में भी अरबी लिखने या पढने की बुद्धि क्यों नहीं दे पाया??
10.जो व्यक्ति अपने जिहादियों की गैंग बना कर जगह जगह लूट करवाता हो, और लूट के माल से बाकायदा अपने लिए पाँचवाँ हिस्सा (20 %) रख लेता हो, उसे अल्लाह का रसूल कहने की जगह लुटरों का सरदार क्यों न कहें? अगर आप सच मे मानवता मे विश्वास करते हे तो आप कम से कम दस व्यक्ति तक सेंड करे
अगर आप एकता भाई चारा व हमारे प्रति कोई भेदभाव नही रखतें हो तो मेरे मुस्लिम भाई भी इन दस प्रशन का जबाब जरूर दें। में कभी इसके बाद कोई सवाल नही करूंगा।
@एक निष्कासित पाकिस्तानी @कॉपी@

Thursday, September 3, 2020

चालीसा पर समीक्षा और स्वस्थ आलोचना सुधार हेतु स्वागत है

इस चालीसा पर समीक्षा और स्वस्थ आलोचना सुधार हेतु स्वागत है🙏🙏
जय दयानंद ज्ञान गुण सागर
जय कपीस सत्यार्थप्रकाश उजागर
ऋषि दूत अतुलित बलधामा
आर्यपुत्र अग्नि समाना
महावीर विक्रम आर्यवंशी
पुराणिक निवार वेदों के संगी
भगवा बरन बिराज सुवेसा
हाथन दंड कुंचित केसा
हाथ शास्त्र और शस्त्र विराजे
हाथों में जनेऊ सांजे
मूलसंकर सुवन यशोदानंदन
तेजप्रताप महाजगबन्धन
विद्यावान गुनी अति चातुर
ऋषियों के कार्य करिबे को आतुर
ऋषिचरित सुनिबे को रसिया
हिन्दू समाज मन बसिया
आर्य रूप धरि दिशा दिखावा
ज्ञानी रूप धरि शास्त्रार्थ में हरावा
आर्य रूप धरि पाखंड संहारे
काशी पंडो के काज सवारे
संस्कृत भाषा को पुनः जियाये
श्री गुरुकुल पद्धत्ति उर लाए
सम्पूर्ण आर्यावर्त बहुत बढ़ाई
तुम मम प्रिय पितामह सम आई
अनेको क्रांतिकारी तुम्हारो जस गावे
अस कही वीर कंठ लगावै
क्रांतिकारी, सेनानी मुनीसा,
श्रद्धानंद, भगत, आज़ाद सहित अहीसा
जम विद्वान दिक्पाल जहाते
कवि प्रेमचंद कहि सके कहा ते
तुम्हारो मंत्र बोस भी माना
आज़ाद हिंद फौज भय सभ जग जाना
जुग सहस्त्र जोजन पर भानु
ऐसे वैज्ञानिक फल जानू
ईश्वर वेद मिली मुख माही
अधार्मिक मत लांघे गए अचरज नाही
दुर्घम शास्त्रार्थ जगत के जेते
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते
गौमाता के तुम रखवारे
होत न आज्ञा बिनु पैसारे
सभ ज्ञान लहै तुम्हारी सरना
तुम गुरु होतो काहू को डरना
आपन तेज सम्हारो आपै
अब्राहम मत हॉक ते कापै
जिहादी, ईसाई निकट नही आवै
दयानंद जभ नाम सुनावै
पाखंड तै दयानंद छुड़ावै
मन क्रम वचन ध्यान जो लावै
नासै पोप हरै सभ पीरा
जपत निरंतर दयानंद बीरा
संकट ते दयानंद छुड़ाई
सत्यार्थ प्रकाश जो पढ़ जावे
सभ पर राम तपस्वी राजा
उनका सम्मान दयानंद पुनः दिलावा
और मनोरथ जो कोई लावै
सोई अमित वेदोक्त जीवन वह पावै
सम्पूर्ण आर्यावर्त प्रताप तुम्हारा
है प्रसिद्ध जगत उजियारा
आर्ष शास्त्र के तुम रखवारे
मुल्ला निकंदन हिन्दुओ के दुलारे
योग सिद्धि ब्रह्मचर्य के दाता
अस बार दीन भारत माता
वेद रसायन तुम्हातरे पासा
सदा रहे धर्म के दासा
तुम्हारे वाक्य आर्यो को प्यारे
हजार वर्ष की गुलामी बिसरावै
अंत काल ईश्वर पुर जाई
जहा जन्म आर्य पुत्र दयानंद कहाई
कोई पोप मौलवी चित्त न धरई
दयानंद सेइ सर्व सुख करई
संकट कटए मिटए सभ पाखंड
जो सुमिरै दयानंद जीवन बीरा
जय जय जय दयानंद स्वामी
कृपा करहु गुरुदेव की नाई
जो प्रतिदिन एकबार पाठ कर कोई
छूटहि पाखंड महासुख होई
जो यह पढ़ए दयानंद चालीस
होई बुद्धि साखी गौरीसा
ऋषिदास सदा हरि चेरा
कीजै नाथ हृदय महं डेरा
आर्य तनय पाखंड हरण, भीम मूर्ति रूप।
हिन्दुओ के हृदय बसहु सुरभूप

Thursday, May 3, 2012

swami dayanad's book