Maharishi Swami Dayanand Saraswati Founder of Arya Samaj. ARYA SAMAJ FOUNDED IN. MUMBAI ON APRIL 7th
Sunday, December 25, 2011
॥ भारत-भारती वैभवं ॥: वेदों में विज्ञान - एंटीमैटर क्या है ?
॥ भारत-भारती वैभवं ॥: वेदों में विज्ञान - एंटीमैटर क्या है ?: वेदों में गूढ़ विज्ञान - सम्बन्धी सामग्री विस्तृत मात्रा में संचित है। जिसमें से बहुत ही अल्प मात्रा में अबतक जानकारी हो सकी है , कार...
SANSKRITJAGAT: वैदिक सन्धि प्रक्रिया-व्यंजन सन्धि: (अवशंगम आस्थ...
SANSKRITJAGAT: वैदिक सन्धि प्रक्रिया-व्यंजन सन्धि: (अवशंगम आस्थ...: यदि स्पर्शवर्णा: ('क'-'म' पर्यन्तम्) पूर्वं आगच्छेयु: तदनन्तरं अन्ये व्यंजन वर्णा: आगच्छेयु: चेत् सा सन्धि: 'अवशंगम आस्थापित' क...
अब तो आँखे खोलो
हिन्दुओ अब तो आँखे खोलो ..२० करोड़ मुल्लो की धार्मिक भावना होती है ,
२ करोड़ ईसाई की भी धार्मिक भावना होती है ,लेकिन १०० करोड़ हिन्दुओ की धार्मिक भावना नहीं होती है क्यों ?
आने वाले दिनों में मुल्ले और ईसाई की माँ बहन की इज़त तो होगी लेकिन हिन्दुओ की नहीं !
हिन्दू देवी देवता के अपमान को देख हम नज़र घुमा लेते है ,या चिला चिला कर गल्ला ख़राब कर के बैठ जाते है ,
लेकिन मुल्लो पर जब आन पड़ी तो एक भोस्डू मुफ्ती एजाज अरशद कासमी चोंधू संतोष पांडेय के जरिये
मान्निये न्यालय में याचिका डाल कर धार्मिक भावना को ठेश पहुचने वाले कंटेंट को फेसबुक और कई सोसल नेटवर्किंग साईट से हटाने का
आदेश आया है , जज साहब हम हिन्दुओ को तो सोसल नेट्वोर्किंग तो क्या हमारे सामने हमारे धर्म को कोई लात मारे तब भी ठेश नहीं पहुँचता
क्यों की हम हिन्दू सेकुलरिज्म नामक दवा और सर्वधर्म सम्भाव नामक अधर्म प्रूफ जैकेट पहनते है !
२ करोड़ ईसाई की भी धार्मिक भावना होती है ,लेकिन १०० करोड़ हिन्दुओ की धार्मिक भावना नहीं होती है क्यों ?
आने वाले दिनों में मुल्ले और ईसाई की माँ बहन की इज़त तो होगी लेकिन हिन्दुओ की नहीं !
हिन्दू देवी देवता के अपमान को देख हम नज़र घुमा लेते है ,या चिला चिला कर गल्ला ख़राब कर के बैठ जाते है ,
लेकिन मुल्लो पर जब आन पड़ी तो एक भोस्डू मुफ्ती एजाज अरशद कासमी चोंधू संतोष पांडेय के जरिये
मान्निये न्यालय में याचिका डाल कर धार्मिक भावना को ठेश पहुचने वाले कंटेंट को फेसबुक और कई सोसल नेटवर्किंग साईट से हटाने का
आदेश आया है , जज साहब हम हिन्दुओ को तो सोसल नेट्वोर्किंग तो क्या हमारे सामने हमारे धर्म को कोई लात मारे तब भी ठेश नहीं पहुँचता
क्यों की हम हिन्दू सेकुलरिज्म नामक दवा और सर्वधर्म सम्भाव नामक अधर्म प्रूफ जैकेट पहनते है !
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